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मध्यप्रदेश

एमपी में मूसलाधार बारिश का कहर: 527 लोगों का रेस्क्यू, भोपाल, रायसेन और गुना समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में एक साथ सक्रिय हुए कई मजबूत मानसूनी सिस्टमों के कारण राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का दौर निरंतर जारी है। इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग सहित दर्जनों जिलों में प्रमुख नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं, जिससे निचली बस्तियों में भारी जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। लगातार बिगड़ते मौसम और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए राजधानी भोपाल, रायसेन, गुना और खंडवा जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। इस बीच, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की आपात स्थिति की समीक्षा की है। वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटों के दौरान मालवा और निमाड़ अंचल में अत्यंत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है।

🚤 24 घंटे में 527 लोगों का रेस्क्यू, भोपाल में दो दिनों में 8 इंच बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

अतिवृष्टि से प्रदेश के निचले इलाकों में पानी भर जाने के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र (सिचुएशन रूम) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ प्रभावित जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से स्थिति का जायजा लिया। समीक्षा बैठक में अवगत कराया गया कि राज्य आपदा मोचन बल (SDERF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों ने जलभराव वाले क्षेत्रों से अब तक 527 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है। केवल भोपाल में पिछले 48 घंटों के भीतर लगभग 8 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते शहर की कई बस्तियों में घरों के भीतर पानी प्रवेश कर गया।

🌀 कम दबाव का क्षेत्र और शीयर जोन बारिश का प्रमुख कारण, अगले 24 घंटे मालवा-निमाड़ के लिए भारी

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे भू-भाग पर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय है।

इसके अतिरिक्त, मानसूनी ट्रफ लाइन बीकानेर से होकर उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है। साथ ही 22 डिग्री उत्तर अक्षांश के समीप शीयर जोन भी पूरी तरह सक्रिय है। इन तीनों मौसमी प्रणालियों के एक साथ प्रभावी होने के कारण प्रदेश भर में वर्षा की तीव्रता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। आगामी 24 घंटों में मालवा और निमाड़ अंचलों में अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

⛈️ इंदौर और उज्जैन संभाग के 5 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी, कई जनपदों में वज्रपात का अलर्ट

मौसम विभाग ने बड़वानी, झाबुआ, धार, इंदौर और रतलाम जिलों के लिए अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इन जिलों में 4 इंच या उससे अधिक वर्षा होने की आशंका है। इसके अतिरिक्त भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना और अशोकनगर जिलों में मेघगर्जन के साथ तीव्र झंझावात और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।

🌧️ राजगढ़ के ब्यावरा में 9 इंच से ज्यादा बारिश, गुना, खंडवा व रतलाम में भी बरसे मूसलाधार मेघ

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है।

राजगढ़ जिले के ब्यावरा में सर्वाधिक 229 मिमी (9 इंच से अधिक), खिलचीपुर में 205 मिमी और जीरापुर में 191 मिमी वर्षा दर्ज हुई। वहीं राजगढ़ जिला मुख्यालय पर 99.2 मिमी, गुना में 85 मिमी, खंडवा में 58 मिमी, रतलाम में 50 मिमी तथा खरगोन में 42.6 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा उज्जैन में 37 मिमी, शिवपुरी में 32 मिमी, रायसेन में 23 मिमी और भोपाल में 18.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

⚠️ निचले इलाकों में अलर्ट मोड पर प्रशासन, नदी-नालों के आसपास रहने वालों को सतर्कता की सलाह

भारी बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए भोपाल, रायसेन, गुना, खंडवा सहित प्रभावित जिलों में स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

अधिकारियों को निचली बस्तियों, पुल-पुलियाओं और संवेदनशील जलमग्न क्षेत्रों पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, नालों और तेज बहाव वाले रपटों को पार करने का प्रयास न करें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें। राहत एवं बचाव दल किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नावों और आवश्यक जीवनरक्षक उपकरणों के साथ मुस्तैद हैं।

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