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Dhanbad Rain & Hailstorm 2026: धनबाद में बेमौसम बारिश और ओलों से फसलें तबाह, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी; मुआवजे की उठी मांग

धनबादः कोयलांचल की पहचान भले ही कोयले से हो, लेकिन सिंदरी विधानसभा के बलियापुर प्रखंड में कई घरों की सांसें खेतों से चलती हैं. यही खेत, फसलें उनके सपनों और जीवन का आधार हैं. लेकिन इस बार आसमान से गिरी आफत ने उन सपनों को चकनाचूर कर दिया. कुछ दिन पहले तक जिन खेतों में भिंडी, करेला, बरबट्टी (लोबिया) और खीरे की हरियाली लहलहा रही थी, आज वहां सन्नाटा पसरा है. टूटे पौधे, कीचड़ में दब चुकी बेलें और बर्बादी का मंजर, यह सब किसानों के चेहरे पर छाए दर्द को बयां कर रही हैं.

बारिश ने सब खत्म कर दियाः किसान

किसान सुरेश महतो अपने खेत की ओर इशारा करते हुए कहते हैं, यही हमारा सब कुछ था. इसी से घर चलता था. अब सब खत्म हो गया. समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या करेंगे. परिवार का पेट भरने की चिंता और बच्चों के भविष्य की चिंता उनकी आंखों में साफ झलक रही है.

बारिश और ओलावृष्टि से सब्जियां बर्बादः किसान

किसान लक्ष्मी महतो के लिए ओलावृष्टि और बारिश से हुआ यह नुकसान सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि उम्मीदों का है. वे बताते हैं कि बारिश और ओलावृष्टि ने सब्जियों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया. करीब 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ है. इतनी मेहनत एक झटके में चली गई.

किसान तपन महतो की आवाज में बेबसी साफ सुनाई देती है. सब्जी तो गई ही, सरसों भी खत्म हो गई. उसी से साल भर का तेल निकलता था. अब वह भी नहीं रहा.

अब सरकार से सहारे की उम्मीद

यह सिर्फ फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि उन छोटे-छोटे सपनों का टूटना है, जो हर मौसम के साथ किसान बोते हैं. पहले से ही बढ़ती लागत और महंगाई से जूझ रहे इन किसानों के लिए यह आपदा किसी बड़े झटके से कम नहीं है. अब बलियापुर के इन खेतों में सिर्फ मिट्टी नहीं, बल्कि किसानों की उम्मीदें भी बिखरी पड़ी हैं. उनकी निगाहें अब आसमान से हटकर सरकार की ओर टिक गई हैं. इस उम्मीद में कि कोई सहारा मिले, ताकि वे फिर से अपने जीवन की फसल बो सकें.

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